Thursday, 17 October 2019
Saturday, 12 October 2019
तुम पर गीत मैं लिखूँ
सोचती हूँ आज तुम पर गीत मैं लिखूँ,
तुम हो हृदय के सच्चे मनमीत मैं लिखूँ।
रस छंद अलंकारों से श्रृंगार खूब करूँ ,
धुन नई नवल ताल सच्ची प्रीत मैं लिखूँ।।
चंदा सा शीतल तेरा व्यवहार मैं लिखूँ ,
सूरज सा प्रखर जिन्दगी का सार मैं लिखूँ।
पर्वत सा अटल धैर्य उर लहरों सी उमंगे ,
सारे उदधि से गहरा तेरा प्यार मैं लिखूँ।।
Saturday, 14 September 2019
हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं
जैसे दुल्हन के माथे पर,सोहे लाल सुनहरी बिंदी
वैसे ही हर एक जीवन का,रूप सँवारे भाषा हिंदी।।
ये संस्कृति की संरक्षक,वाहक अनमोल धरोहर है
गंगा सी निर्मल पावन व सुंदर ज्ञान सरोवर है।।
देश की उन्नति और प्रगति की,एकमात्र पहचान है
प्रेम,स्नेह,अपनत्व निहित,भारत माता की शान है।।
जकड़ा था जब भारत,अंग्रेजों की क्रूर गुलामी से
जाति, धर्म का भेद मिटाकर,बचा लिया नाक़ामी से।।
Tuesday, 10 September 2019
Thursday, 5 September 2019
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